नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग में डीएमएफटी न्यास परिषद की बैठक, विकास कार्यों पर चर्चा
हजारीबाग। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) न्यास परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सांसद मनीष जायसवाल, विधायक प्रदीप प्रसाद, अमित यादव, रोशन लाल चौधरी सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
खनन प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि डीएमएफटी फंड का उपयोग मुख्य रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, महिला एवं बाल विकास और कौशल विकास जैसे प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रों में किया जा रहा है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। साथ ही उन्होंने पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा भी की।
उपायुक्त ने बताया कि डीएमएफटी मद से आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत बनाया गया है। इसके अलावा, दिव्यांगों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल भी वितरित की गई हैं।
जनप्रतिनिधियों के सुझाव
सांसद मनीष जायसवाल ने 60% से अधिक दिव्यांगता वाले सभी व्यक्तियों को ट्राईसाइकिल देने और स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त डॉक्टरों की पोस्टिंग उनके संबंधित केंद्रों पर ही सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के चौराहों पर सोलर हाई मास्क लाइट लगाने की भी बात कही।
सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहरी क्षेत्रों के खेल मैदानों में हाई मास्क लाइट लगाने और कर्जन ग्राउंड व कोलंबस ग्राउंड को बेहतर बनाने का प्रस्ताव दिया।
बैठक में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी
न्यास परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श और स्वीकृति दी गई, जिनमें:
सुरक्षा और निगरानी: प्रदूषण और अवैध उत्खनन रोकने के लिए प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
सड़क और प्रकाश व्यवस्था: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर मास्टर लाइट और सोलर लाइट लगाई जाएंगी।
हाथी कॉरिडोर में सुरक्षा: हाथियों और अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए 11000 KVA की विद्युत तारों को कवर किया जाएगा।
कृषि और रोजगार: किसानों की आय बढ़ाने और हाथियों के प्रभाव को कम करने के लिए मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण और पॉली हाउस का निर्माण किया जाएगा।
शिक्षा: खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों के लिए कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की तर्ज पर नए आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे।
बुनियादी सुविधाएं: खनन प्रभावित क्षेत्रों के विस्थापितों को सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं प्रदान करने की भी स्वीकृति दी गई।
महिला शिक्षा: 100% आंगनबाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण और विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण को मंजूरी दी गई।
उपायुक्त ने सभी जनप्रतिनिधियों से खनन प्रभावित गांवों की जन-उपयोगी योजनाओं को ग्राम सभा से अनुमोदित कराकर जिला प्रशासन को भेजने का आग्रह किया, ताकि उन्हें डीएमएफटी फंड से पूरा किया जा सके।
बैठक में जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी और मुखियागण उपस्थित थे।