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सुशील चौहान(जिला ब्यूरो चीफ)
मेलिओइडोसिस बीमारी:शीघ्र पहचान, प्रबंधन एवं रोकथाम हेतु एडवाइजरी
सिवनी / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मेलिओइडोसिस एक गंभीर संक्रामक रोग है,जो Burkholderia pseudomallei जीवाणु से होता है।यह जीवाणु प्रायःमिट्टी एवं पानी में पाया जाता है विशेषकर वर्षा ऋतु में।मधुमेह गुर्दे व फेफड़े से संबंधित रोग इस बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में पर्यावरणीय परिस्थितियों एवं मधुमेह की अधिकता के कारण यह रोग अधिक संवेदनशील है। एम्स भोपाल में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि धान के खेतों में संक्रमित मिट्टी व पानी के कारण वहां कार्य करने वाले किसान व मजदूर मेलिओइडोसिस से संक्रमित हो सकते हैं।
➡️आम जनता हेतु स्वास्थ्य विभाग की सलाह :
🔹खेतों में कार्य करते समय रबड़ के जूते एवं दस्ताने पहनें।
🔹केवल उबला हुआ अथवा क्लोरीन युक्त पानी ही पिएं।
🔹शरीर पर घाव होने पर उसे ढकें और गंदे पानी से संपर्क न करें।
🔹लगातार बुखार, फेफड़े का संक्रमण अथवा फोड़े-फुंसी होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
🔹उच्च जोखिम वाले किसान एवं खेतीहर मजदूर विशेष सावधानी बरतें और व्यावसायिक सुरक्षा उपायों का पालन करें।