कप्तानगंज थाना क्षेत्र में 2005 में किशोर की हत्या कर शव फेंकने के मामले में दोषी मिलने पर मथौली बाजार निवासी गुलाब गोंड को एफटीसी प्रथम परमेश्वर प्रसाद की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 34 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।एडीजीसी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि मामला कप्तानगंज थाना क्षेत्र से संबंधित था। तीन अप्रैल 2005 को चेड़ा माई मंदिर के पास किशोर की लाश मिली थी। गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। चौकीदार की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके कुछ दिन बाद किशोर की पहचान तरयासुजान थाना क्षेत्र के परसौनी बुजुर्ग टोला कौवापट्टी निवासी अनिरुद्ध के रूप में हुई।
मृतक के पिता विनय शंकर गुप्ता ने बताया कि रामकोला के बरठा टोला खोड़हा निवासी मनोज पुत्र बैरिस्टर से बेटे की कठकुइयां में हाईस्कूल की परीक्षा देने के दौरान दोस्ती हुई थी। उसने बेटे को असोम में रहने वाले भाई के जरिए नौकरी दिलवाने को कहा। इसके एवज में मनोज व उसके मौसा मथौली बाजार निवासी गुलाब गोंड ने 60 हजार रुपये ले भी लिए। 1 अप्रैल 2005 को दोनों उसे बुलाकर अपने घर ले गए कि भाई से बात कराने के बाद भेज देंगे। अगले दिन विनय शंकर उसे तलाशते हुए मनोज के घर भी पहुंचे थे तब दोनों ने झूठ बोला कि अभी बात नहीं हो पाई है। इसके बाद से बेटा गायब है।
पुलिस ने दबिश देकर गुलाब व मनोज को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद करा दिया। हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। तब मनोज नाबालिग था। उसका मुकदमा बाल न्यायालय में स्थानांतरित हो गया। गुलाब का मुकदमा एफटीसी प्रथम परमेश्वर प्रसाद की अदालत में चला। जिसमें कुल 13 गवाह परीक्षित हुए। मंगलवार को अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए आजीवन करावास व 34 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। Rajesh Maurya Kushinagar