रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना शहर में पेयजल की गुणवत्ता एवं आपूर्ति व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। समीक्षा बैठक के उपरांत कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर जलापूर्ति व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पाइपलाइन, वाल्व, संभावित लीकेज बिंदुओं तथा जल की गुणवत्ता की बारीकी से निरीक्षण किया गया।
सोमवार को कलेक्टर श्री जांगिड़ ने मुरैना शहर के वार्ड क्रमांक 34 अंतर्गत गणेशपुरा तथा वार्ड क्रमांक 20 अंतर्गत सिंगल बस्ती का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पेयजल वितरण व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरवासियों को शुद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिले तथा शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नगर निगम के माध्यम से यदि गंदे पानी की कोई भी शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका तत्काल निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाए एवं टूटी हुई पाइपलाइनों एवं लीकेज को तुरंत दुरुस्त किया जाए। जिन क्षेत्रों में टंकियों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, वहां टंकियों की सफाई प्राथमिकता से कराई जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के मैदानी अधिकारी निरंतर भ्रमण कर अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल संबंधी शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पिछले छह माह में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज गंदे पानी से संबंधित शिकायतों की सूची निकालकर संबंधित घरों तक पहुंचा जाए और उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।
कलेक्टर ने स्वयं किया पानी का परीक्षण
वार्ड क्रमांक 34 गणेशपुरा में कलेक्टर रघुवरदयाल पुत्र स्व. सुखलाल के निवास पर पहुंचे। उन्होंने वहां पानी की मोटर चालू कराकर जल की जांच की और स्वयं ग्लास में पानी पीकर परीक्षण किया। पानी शुद्ध पाए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
इस दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहां पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है, उसे काटकर साफ किया जाए एवं पुनः सही ढंग से जोड़ने की कार्यवाही की जाए, ताकि नालियों से गंदा पानी पाइपलाइन में प्रवेश न कर सके।
सिंगल बस्ती में लीकेज सुधार के निर्देश
इसके पश्चात कलेक्टर वार्ड क्रमांक 20 अंतर्गत सिंगल बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने मौके पर मौजूद लीकेज पाइपलाइन को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी को तुरंत दूर किया जाए।