*एसडीएम का महिला व बाल विकास विभाग को पत्र:अब कटेंगे गरीबी रेखा की सूची से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं और सहायिकाओं के नाम, डिंडौरी कलेक्टर ने दिए राशन कार्ड निरस्त करने के निर्देश*

डिंडौरी जिला प्रशासन अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के नाम गरीबी रेखा की सूची से नाम काटने की तैयारी कर रहा है। गरीबी रेखा की सूची में दर्ज आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और सहायिकाओं की जानकारी के लिए एसडीएम बलवीर रमन ने महिला व बाल विकास विभाग को पत्र लिखा है।
महिला व बाल विकास विभाग द्वारा दी गयी जानकारी में जिले की लगभग दो हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में पदस्थ लगभग 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के नाम गरीबी रेखा की सूची में दर्ज है।
जानकारी के अनुसार जिले भर में अधिकांश आंगनबाडियों में पदस्थ कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के पास बीपीएल राशनकार्ड हैं व वह सरकारी कर्मचारी होकर भी सरकार की गरीब हितैषी योजनाओं का लाभ ले रही हैं।
गरीबी रेखा के मापदंड के अनुसार बीपीएल पात्रता श्रेणी अंतर्गत मासिक आय 522.64 रुपये से अधिक है। ऐसे में संबंधितों का नाम बीपीएल सर्वे सूची से बाहर करने के आदेश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डिंडौरी ने जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में कलेक्टर रत्नाकर झा ने भी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के गरीबी रेखा के राशनकार्ड निरस्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए है, जिसके बाद सभी परियोजनाओं से ऐसी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की सूची तलब की जा रही है।
डिंडौरी अनुविभाग के बाद अब शहपुरा अनुविभाग के परियोजनओं की सूची आना बाकी है। मिली जानकारी के अनुसार करीब दो हजार आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ियों में दर्ज 500 से अधिक कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के नाम बीपीएल सूची में दर्ज। जिनके नाम पर प्रशासन के निर्देश के बाद काटने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
इंडियन टीवी न्यूज़ संवाददाता मो0 सफर ज़िला डिंडोरी मध्य प्रदेश