फतेहगंज पश्चिमी (संवाददाता)। नगर पंचायत की सियासत में पिछले साल जमकर सुर्खियां बटोरने वाला भाजपा नेता आशीष अग्रवाल से जुड़ा चर्चित प्रकरण अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस विवेचना में मुकदमे को पूरी तरह निराधार मानते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है, जिससे पूरे मामले में नया राजनीतिक और कानूनी भूचाल आ गया है।
थाना फतेहगंज पश्चिमी में दर्ज मुकदमा संख्या 471/2025 की जांच के दौरान पुलिस को ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिससे लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सके। गवाहों के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण और अन्य तथ्यों के गहन परीक्षण के बाद विवेचना अधिकारी ने अदालत में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी है।
चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप—जिनमें रिश्वत मांगने जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल थे—जांच में पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुए। जांच कमेटी की रिपोर्ट ने भी इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उधर, मामला अब शासन स्तर तक पहुंच चुका है। गृह (पुलिस) अनुभाग-12 के विशेष सचिव पवन अग्रवाल ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट विधान परिषद की संसदीय सद्भावना समिति को भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक 4 मई को प्रस्तावित समिति की बैठक में इस मामले पर गहन मंथन होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या झूठे आरोप लगाकर किसी की छवि धूमिल करने वालों पर शिकंजा कसेगा? चर्चा है कि समिति की बैठक के बाद झूठी शिकायत और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही पर विचार किया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और अब सबकी निगाहें 4 मई की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल मामले पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली