शहजाद आलम
जिला संवाददाता सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थ नगर शिक्षा और संस्कार की धरती सिद्धार्थनगर ने रविवार को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर पूरे प्रदेश में नई मिसाल कायम की। जिला मुख्यालय स्थित लोहिया कला भवन में आयोजित भक्त सम्मान समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े लगभग 800 सेवानिवृत्ति शिक्षाधिकारी प्रधानाचार्य शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने न सिर्फ शिक्षा जगत को गौरवान्वित किया बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि गुरुजनों का सम्मान ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उनके अनुभव अनुशासन और समर्पण से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों का सम्मान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है तथा उनके योगदान को कभी बुलाया नहीं जा सकता।
मुख्य अतिथि शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉक्टर महेंद्र देव ने समारोह को प्रदेश स्तर पर अनुकरणीय बताते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शिक्षा अधिकारी और शिक्षकों का सामूहिक सम्मान देखा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। समझ में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अंग वस्त्र स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र सम्मानित किया गया। मंच से शैलेश कुमार टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधे रमण त्रिपाठी, जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश मिश्रा प्रधानाचार्य परिषद के रमाकांत द्विवेदी माध्यमिक शिक्षक संघ के राम विलास यादव तथा पूर्व दी आईओएस समारोह प्रधान ने भी शिक्षा और शिक्षक सम्मान को महत्ता पर अपने विचार रखे। सम्मानित होने वाले प्रमुख सेवानिवृत अधिकारियों में शिवचंद राम, ए के सिंह, विकायल भारती, राम सिंह, गोविंद राम, डॉक्टर एसपी त्रिपाठी, मनोज कुमार, पारस नाथ कुशवाह, और मनोज कुमार अहीरवार सहित कई शिक्षाविद शामिल राहे। कार्यक्रम के में इस वर्ष हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में जनपद के टॉप 10 मेघावी छात्र को भी सम्मानित किया गया जिससे समारोह और भी प्रेरणादायक बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बेसिक शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई जबकि शिवपाठ इंटर कॉलेज के बच्चों द्वारा प्रस्तुत कपिलवस्तु गीत ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और शिक्षकों के सम्मान ने समारोह को यादगार बना दिया।
मुख्य आयोजक एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ खुनियाव के वरिष्ठ अध्यक्ष विजय बहादुर अंबेडकर ने सभी अतिथियों शिक्षकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान में सकारात्मक संदेश देता है और नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र वर्मा ने किया यह आयोजन सिद्धार्थनगर के लिए केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की कृतज्ञता और गुरुजनो के प्रति सम्मान की ऐतिहासिक मिसाल बनकर उभरा जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।