श्री संत भगवान बाबा मल्टीस्टेट मामला अब अलग मोड़ ले रहा है, एवं जांच में दोषी पाए गए संबंधित डायरेक्टर संतोष प्रकाश लुनिया एवं सभी संबंधित व्यक्तियों, खिलाफ, जन आधार सामाजिक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष प्रकाश पोटे एवं गणेश शेकड़े तथा जमाकर्ताओं के प्रतिनिधियों ने एमपीआईडी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन को एक बयान दिया गया।इस मामले में कई जमाकर्ताओं ने प्रकाश पोटे को लिखित शिकायत एवं अभ्यावेदन दिए हैं, एवं उनके आवेदनों के आधार पर यह अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसमें ज़मीन के लेन-देन और दूसरे फ़ाइनेंशियल लेन-देन शामिल हैं। डिपॉज़िटर्स ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि संतोष प्रकाश लुनिया ने भगवान बाबा मल्टीस्टेट के फरार आरोपी चेयरमैन और डायरेक्टर को सुरक्षा देकर छुपाया है या उनकी मदद की है। इसलिए, यह मांग की गई कि जांच के लिए संतोष लुनिया और सतीश केदार की भूमिका है, और अगर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जांच करने के बाद उनकी संलिप्तता पाई जाती है, तो उन्हें सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए।भगवान बाबा मल्टीस्टेट के डिपॉज़िटर्स बड़ी संख्या में मौजूद थे।
पांडुरंग निंबालकर की रिपोर्ट महाराष्ट्र अहिल्यानगर