बारीपदा, 11/9: मयूरभंज जिले के बारीपदा में ओडिशा विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के दो ऑडिटरों के पास से कुल 14 लाख 38 हजार 340 रुपये की संदिग्ध अवैध नकदी बरामद की है।
विजिलेंस सूत्रों से मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर 10 सितंबर 2026 की देर रात दोनों ऑडिटरों को बारीपदा स्थित डी.डब्ल्यू.ओ. कार्यालय से रॉक्सी लेन स्थित महापात्र होटल जाते समय रोका गया। दोनों विभागीय स्कॉर्पियो वाहन से होटल जा रहे थे।जांच के दौरान उनके पास से 5 लाख 51 हजार 510 रुपये नकद बरामद हुए। यह रकम 52 लिफाफों और 20 खुले बंडलों में रखी गई थी। विजिलेंस के अनुसार, ऑडिटर इस नकदी के स्रोत के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।इसके बाद विजिलेंस टीम ने दोनों ऑडिटरों के होटल के कमरे की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से अतिरिक्त 8 लाख 86 हजार 830 रुपये नकद बरामद हुए। इस रकम का भी संतोषजनक हिसाब नहीं दिए जाने पर दोनों के कब्जे से कुल 14 लाख 38 हजार 340 रुपये जब्त किए गए।फिलहाल विजिलेंस दोनों ऑडिटरों से पूछताछ कर इतनी बड़ी रकम के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets-DA) के पहलू से भी दोनों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, दोनों ऑडिटर 30 अगस्त 2026 से बारीपदा में रहकर डी.डब्ल्यू.ओ. कार्यालय का ऑडिट कार्य कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने एसटी/एससी विभाग के अधीन आने वाले आश्रम, सेवाश्रम, हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल तथा एसएसडी हॉस्टलों का ऑडिट शुरू किया था।ऑडिट के दौरान संबंधित स्कूलों और हॉस्टलों के प्रधानाध्यापकों तथा जिम्मेदार अधिकारियों को बारीपदा बुलाकर स्कूल एवं हॉस्टल से संबंधित फाइलें और रजिस्टर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।विजिलेंस के पास शिकायत पहुंची थी कि स्कूल और हॉस्टलों का ऑडिट सुचारू रूप से करने के लिए दोनों ऑडिटर प्रत्येक नामांकित छात्र-छात्रा के हिसाब से 10 रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद विजिलेंस ने दोनों ऑडिटरों को रोककर उनकी जांच की।घटना से जुड़े विभिन्न स्थानों पर विजिलेंस की तलाशी जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।