*भीषण गर्मी के बीच शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट*
Indian TV News हजारीबाग संवाददाता
हजारीबाग: जिला इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। गुरुवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग दिनभर उमस भरी गर्मी और पसीने से परेशान रहे। बिजली कटौती का असर लोगों की दिनचर्या पर दिखने लगा है। बुधवार रात शहर के कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल रही, जबकि कई ग्रामीण इलाकों में भी बिजली कटौती का दौर जारी रहा। गुरुवार को सुबह से शाम तक आठ बार बिजली गुल हुई। शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि लोगों को पंखा चलाने में तो परेशानी हो रही है, मोबाइल फोन चार्ज करना तो दूर की बात है। इनवर्टर रखने वालों को भी परेशानी हो रही है। पढ़ाई के व्यस्त समय में बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गृहणियों को घर के काम निपटाने में दिक्कत आ रही है। कई लोगों को रात में नींद नहीं आ रही है।
इसका प्रतिकूल असर कारोबार और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली कटौती आम बात हो गई है। बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी हो रही है। जिले में 15 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ता हैं, जो इस भीषण गर्मी में परेशान हैं। बिजली कटौती के कारण पंखे और एसी काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों को पसीने छूट रहे हैं और वे बिजली विभाग के सामने अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई लोग सोशल मीडिया पर बिजली विभाग के खिलाफ अपनी शिकायतें जाहिर कर रहे हैं। ज्यादातर उपभोक्ता चिलचिलाती धूप और बिजली कटौती के मिले-जुले असर की शिकायत कर रहे हैं। इस बीच, बिजली कर्मचारी बिजली बहाल करने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बिजली कब आएगी, इसका कोई तय शेड्यूल नहीं है।
*व्यापार और उद्योगों पर नकारात्मक असर*
जिले में 50,000 से ज्यादा वाणिज्यिक उपभोक्ता हैं, जो बिजली कटौती का दंश झेल रहे हैं। उनका दावा है कि बिजली कटौती से व्यापार और औद्योगिक कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लगातार बिजली कटौती से उद्योगों के उत्पादन में भारी गिरावट आ रही है। वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण बिजली उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। बिजली कटौती उद्यमियों और व्यापार मालिकों के लिए बड़ा संकट बन गई है। निर्माण उद्योग, नेटवर्क और क्लाउड आधारित सेवाएं, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, चिकित्सा सुविधाएं सभी बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। कई व्यवसाय संचालन के लिए डीजल जनरेटर पर निर्भर होने को मजबूर हैं। वेल्डिंग की दुकानें, फोटोकॉपी स्टोर, फर्नीचर की दुकानें सभी लगातार जनरेटर चलाने से अतिरिक्त लागत उठा रही हैं। बिजली कटौती के कारण बाजार में सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों की मांग बढ़ गई है। लोग अब सौर ऊर्जा से चलने वाले पंखे और अन्य उपकरणों की मांग कर रहे हैं। किसान भी चिंता जता रहे हैं कि बिजली कटौती से हरी सब्जियों की खेती प्रभावित हो रही है। सिंचाई उनके लिए चुनौती बन गई है।
*डीवीसी की बिजली कटौती से परेशानी बढ़ी*
भीषण गर्मी के दौरान डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) ने पिछले चार दिनों में अतिरिक्त बिजली कटौती करके स्थिति को और खराब कर दिया है। डीवीसी ने पिछले चार दिनों से बिना सूचना दिए हर दो तीन घंटे के अंतराल में चार से छह घंटे की बिजली कटौती शुरू कर दिया है। डीवीसी के बिजली कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है। कार्यपालक अभियंता अंगेश कुमार कहते हैं कि कि डीवीसी से बिजली कटौती के बाद जब आपूर्ति शुरू की जाती है तो उसके मेंटेनेंस में भी विभाग को परेशानी हो रही है। क्योंकि अचानक जब किसी क्षेत्र में जब बिजली आपूर्ति शुरू की जाती है तो लोग एक साथ पंखे कूलर, मोटर आदि चलाने लगते हैं। जिससे उस क्षेत्र के ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जा रहा है। इस कारण बिजली ट्रासफॉर्मर और फ्यूज उड़ने की शिकायतें बढ़ी है। हजारीबाग जिले को 120 मेगावाट बिजली की जरूरत है। जबकि इस समय केंद्रीय पूल के माध्यम से डीवीसी हजारीबाग जिले को 105 मेगावाट की सप्लाई कर रहा है। जिले में डिमांड से कम 15 से 20 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इससे भी संकट गहराया है। कार्यपालक अभियंता कहते हैं कि ट्रांसफार्मर का तापमान 60 से 70 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना जरूरी है। भीषण गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर का अर्थिंग भी कई जगह पर काम नहीं कर रहा है। इससे लो वोल्टेज की समस्या आ रही है। कार्यपालक अभियंता कहते हैं कि एक सप्ताह के अंदर 20 से अधिक ट्रांसफार्मर के जलने की शिकायत मिली है। जहां शिकायत मिल रही है। 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदल दिया जा रहा है। विद्युत डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली ओवर लोड चल रही है।