अमृत बनकर बरसे बादल किसानों के चेहरे पर झलकी खुशी ।
थोड़ी ही बारिश से नपा की उदासीनता के चलते नगर के वार्डो की कुछ चोक पडी नालियों से सड़कों पर गंदा पानी के साथ कचरा बहता रहा
नौगांव । सूरज की तेज तपन और उमस भरी गर्मी से जनजीवन अस्त व्यस्त था तो वही सीमेंट कंक्रीट से बने मकान तेज तपन और उमस भरी गर्मी से धधक रहे थे जिससे लोगो के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था तो वही मानसून की खेच के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही थी लगभग आधे महीने पहले हुई बारिश से ही कुछ किसानों ने अपने खेतों में मुगफली,उड़द, तिल जैसी अन्य फसलों की बुबाई कर दी थी जो मानसून की खेच ओर बारिश न होने से फसलों में अकुंरित हुए फसल तेज धूप और उमस भरी गर्मी से मुरझाकर सूखने की कगार पर पहुच चुके जिससे चिंचित किसान आसमान की ओर निहार कर बारिश होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे शनिवार की दोपहर 2 बजे के लगभग आसमान पर छाए काले बादलों ने अपना डेरा जमाए और तेज हवा के साथ मानसून की पहली अमृतरूपी बारिश शुरू हुई महज आधे घंटे की बारिश से जहा लोगो को गर्मी से निजात मिली तो वही किसानों के चेहरे पर खुशी झलक उठी और किसानों ने रहत की सांस ली । तो वही थोड़ी ही बारिश से नपा की उदासीनता के चलते नगर के वार्डो की कुछ चोक पडी नालियों से सड़कों पर गंदा पानी के साथ कचरा बहता रहा ।
मौसम विभाग की माने तो जुलाई के दूसरे सप्ताह से झमाझम बारिश होने के अनुमान ।
राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं से दिन का तापमान बढ़ा हुआ था जिससे तेज गर्मी व उमस हो रही थी बीते गुरुवार की सुबह से ही बादलों में हलचल होने के साथ कंही कंही हल्की बारिश हुई दिन में आसमान पर छाए बादलों पर सूर्य लुकाछिपी का खेल खेलता रहा और कुछ हद तक तेज धूप से निजात मिली वहीं मौसम विभाग ने 3 जुलाई से 7 जुलाई के बीच छत्तरपुर जिले में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई जा रही है
कृषि विज्ञान केंद के मौसम वैज्ञानिक हेमन्त कुमार सिन्हा की माने तो 3 जुलाई से अरब सागर से नम हवाएं गुजरात, राजस्थान और दिल्ली पहुंचने लगी थी जिससे हल्की बारिश होने के साथ गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है लेकिन, मानसून का ब्रेक 7 जुलाई तक जारी रह सकता है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाएं उत्तर भारत में पहुंचने लगेंगी, तब मानसून फिर सक्रिय होगा और 11-12 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र भी बनेगा, जिससे कमजोर पड़े मानसून को ताकत मिलेगी। इसके प्रभाव से जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रदेश में अच्छी बरसात होने की उम्मीद है। किसानों को 10 जुलाई तक बोवनी करने से बचना चाहिए।चार इंच मिट्टी गीली होने पर ही किसान बोवनी करे ताकि होने बाले नुकसान से बचा जा सके ।
उमंग शिवहरे
इंडियन टीवी न्यूज
जिला ब्यूरों चीफ छतरपुर