निवाली 11 सितंबर को आचार्य विनोबा भावे की 130 वीं जयंती कस्तूरबा वनवासी कन्या आश्रम निवाली में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जहां प्रातः आश्रम परिवार द्वारा आश्रम परिसर की सामूहिक साफ सफाई की ।वही दोपहर पश्चात विनोबा भावे के जीवन पर आधारित एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आश्रम निर्देशिका पुष्पा सिन्हा व मध्य प्रदेश सर्वोदय मंडल के ध्रुवराज उर्कुडे ने आचार्य विनोबा भावे की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। पुष्पा सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य विनोबा भावे भारत के सर्वाधिक जाने माने समाज सुधारक एवं भूदान यज्ञ नामक आंदोलन के संस्थापक थे उनकी पूरी जिंदगी साधु सन्याशी जैसी रही इसी कारण वे देश में संत के तौर पर प्रसिद्ध हुए विनोबा भावे अत्यंत विद्वान एवं विचारशील व्यक्तित्व के धनी थे महात्मा गांधी के परम शिष्य आजादी आंदोलन के इस योद्धा ने वैद वेदांत गीता रामायण कुरान बाइबल आदि ग्रंथो का गहन अध्ययन किया उन्होंने गीता का संक्षिप्त लेखन कई भाषा में किया वहीं मातृशक्ति को भी अपने इस आंदोलन में अहम भूमिका में रखा 1921 से 1942 तक अनेक बार जेल यात्रा की मुख्य योगदान भूदान आंदोलन था जिसमें उन्होंने जमींदारों से गरीबों के लिए भूमि दान करने के लिए जमीदारों को प्रेरित किया। वह एक प्रख्यात गांधीवादी नेता थे ।और सामाजिक कार्यकर्ता व एक दार्शनिक भी थे ,जिन्होंने व्यक्तिगत सत्याग्रह में भाग लेकर सर्वोदय सभी का उदय के विचार को आगे बढ़ाया जय जगत का नारा दिया । वहीं प्रदेश सर्वोदय मंडल के ध्रुवराज उरकूड़े ने भी अपने उद्बोधन में कहा विनोबा भावे ने कहा था कि इस धरती पर हमने गाय को माता का दर्जा दिया और हम उसकी रक्षा नहीं कर पा रहे हैं आज इस धरती पर गौ हत्या हो रही उस धरती पर में जिंदा नहीं रह सकता , उन्होंने गो हत्या रोकने हेतु गौ हत्या सत्याग्रह आंदोलन किया सभी बड़े-बड़े नेताओं ने उन्हें इस आंदोलन को रोकने हेतु हर सम्भव प्रयास किया मगर भावे जी टस से मस नहीं हुए उनको इस आंदोलन से हटा नहीं सके नहीं उन्हें आंदोलन से अलग कर सके उन्होंने इसी गौ हत्या सत्याग्रह आंदोलन में अपनी जीवन लीला की आहुति दे डाली । कस्तूरबा माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधान पाठक बापू राव कापूरे ने कहा कि विनोबा भावे ने गरीबों के लिए समानता की बात को आगे बढ़ाया जय जगत के नारों से देश को आगे बढ़ाया और भूदान आंदोलन के माध्यम से करीबन 40 लाख एकड़ जमीन दान लेकर गरीबों तक पहुंचाई । कार्यक्रम का संचालन आश्रम के राजेंद्र शर्मा ने किया ।आभार आश्रम की उप प्रतिनिधि कलावती किराड़े ने किया है उक्त कार्यक्रम में आश्रम के लोकेंद्र उपाध्याय ,बापूराव कापूरे, कपिला पाराशर , शीला सेनानी, बसंती परमार, शायबी चौहान, सोनायडी सोलंकी, भावना धनगर, राजकमल नायक, रेखा बेंद्रे ,पुष्पलता उरकूड़े , गोमती पटेल, हेमलता राठौर ,किरण मुकाती, शीतल धारवे, आरती , सुकमा सोलंकी, पुष्पा भोंसले, सहित सैकड़ो छात्राओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। अंत में सर्वधर्म प्रार्थना के साथ जय जगत के नारों से कार्यक्रम का समापन हुआ।
लखन पंडित निवाली जिला बड़वानी