इंडियन टीवी न्यूज़ सुशील चौहान जिला ब्यूरो चीफ
कलेक्टर नेहा मीना ने गुरुवार 30 अप्रैल को बरघाट विकासखण्ड के गेहूं उपार्जन केंद्र बरघाट एवं नगझर का औचक निरीक्षण कर उपार्जन व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का गहन परीक्षण किया।उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण—स्लॉट बुकिंग तौल भंडारण एवं भुगतान का बारीकी से अवलोकन कियानिरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।
किसानों की सुविधा सर्वोपरि
कलेक्टर नेहा मीना ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को बिना किसी परेशानी के उपज विक्रय की सुविधा मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व किसान हितैषी होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जित गेहूं का त्वरित परिवहन सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित भंडारण तक समय पर पहुंचाया जाए।इसके लिए आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त ट्रकों की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।कलेक्टर ने परिवहन के बाद किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को इस प्रक्रिया की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा न हो।तौल व्यवस्था को सुचारु और तेज बनाने के लिए अतिरिक्त तौल कांटे हम्माल एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया जिससे किसानों को लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े।इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग में आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए,ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और किसान हितैषी बनी रहे।कलेक्टर ने आगामी दिनों में जिले में वर्षा की संभावना को देखते हुए उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीदी यथासंभव कवर किए गए स्थानों पर ही की जाए ताकि फसल को बारिश से नुकसान न पहुंचे।तौल के बाद बारदानों की विधिवत सिलाई कर उन्हें ऊंचे स्थान पर व्यवस्थित स्टैकिंग के साथ रखा जाए तथा तिरपाल से ढंककर सुरक्षित किया जाए।कलेक्टर नेहा मीना ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गेहूं को खुले में बिल्कुल भी न रखा जाए और केंद्र परिसर में जलभराव की स्थिति न बनने दी जाए।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि संभावित आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों की पहचान कर रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उपार्जन केंद्र को तुरंत स्थानांतरित किया जा सके।कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल,छाया बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहना अनिवार्य है।निरीक्षण के दौरान बरघाट केंद्र में समिति प्रभारी के अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।नगझर स्थित गोदाम स्तरीय उपार्जन केंद्र में पूर्व से भंडारित धान एवं गेहूं के संबंध में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार उक्त अनाज का शीघ्र निष्पादन कर उसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य जिलों में भेजा जाए।कलेक्टर नेहा मीना ने उपस्थित किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज को तिरपाल आदि से ढंककर ही केंद्र तक लाएं जिससे मौसम की मार से फसल सुरक्षित रह सके।उन्होंने कहा कि उपार्जन प्रक्रिया को पूरी तरह सुचारू पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।